Hunger is Humanity killer english article also translated in hindi.


HUNGER IS HUMANITY KILLER




HUNGER IS HUMANITY KILLER

Yes friends, if someone is died because he don't get food that is not only that he died. It is declination and defeat of humanity. We should shame on us to talk about humanity.
Do you think that people died due to lack of food., No' they are not died due to lack of food., They died because we have lack of humanity. 

Can we imagine how many people die due to hunger. 25000 per day human die due to hunger. Sorry we should say that daily 25000 people die due to lack of humanity. If somehow humanity remain definetly  no one is going to die due to hunger. How? see how it is? An estimated 1.3 billion tonnes of food is wasted globally each year, one third of all food produced for human consumption, according to the Food and Agriculture Organization (FAO) of the United Nations. 
You see na we have nothing to do extra. Only we should give that food (which we going to waste) to needy. I know this is not simple as like as these words,But this is not as much difficult that we can't do. Just allow to surpass the humanity in your blood you see it will be happen.



Now we talk about India

Also in India there is very poor situation. Everyday a large number of people sleep with hunger. Which is like a curse. And it is not that India is unable to feed everyone. India is competely able but here also comes the lack of humanity. According to the United Nations Development Programme, up to 40% of the food produced in India is wasted. And never reached to needy. So we should take it seriously and improve. And it is not as if one person will want to. Everyone's participation in this is necessary.
Only then we will be free from this curse. And If we can't do anything for this Sorry to say but then we are not worthy to called human. 
How can we discuss about humanity when any person sleeps with hunger. So we have to change., We have to be a real human.

The end.



अब हिन्दी में 


भुखमरी मानवता का हत्यारा है


भुखमरी मानवता का हत्यारा है


हा दोस्तों, अगर कोई मर जाता है क्योंकि उसे भोजन नहीं मिलता है यह सिर्फ ये नही है कि वह मर गया है। यह मानवता की घोषणा और हार है। हमें मानवता के बारे में बात करने के लिए हमें शर्म आनी चाहिए। क्या आपको लगता है कि वो लोग भोजन की कमी के कारण मर गए। नहीं, 'वे भोजन की कमी के कारण नहीं मरे हैं। वे मर गए क्योंकि हमारे पास मानवता की कमी है।


क्या हम सोच सकते हैं कि कितने लोग भूख के कारण मरते हैं। 25000 प्रति दिन मानव भूख के कारण मरते हैं। क्षमा करें, हमें यह कहना चाहिए कि दैनिक २५००० लोग मानवता की कमी के कारण मरते हैं। अगर किसी तरह मानवता बनी रहे तो कोई भी भूख के कारण मरने वाला नहीं है। कैसे? देखो यह कैसे होगा ? संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) के अनुसार, अनुमानित 1.3 बिलियन टन भोजन प्रत्येक वर्ष विश्व स्तर पर बर्बाद होता है, जो मानव उपभोग के लिए उत्पादित एक तिहाई भोजन है।आप देखिए ना कि हमारे पास अतिरिक्त करने के लिए कुछ नहीं है। केवल हमें जरूरतमंदों को वह भोजन (जो हम बर्बाद करने जा रहे हैं) दें। मुझे पता है कि यह इन शब्दों की तरह सरल नहीं है, लेकिन यह उतना मुश्किल नहीं है जितना हम नहीं कर सकते। बस अपने खून में मानवता को पार करने की अनुमति दें जिससे आप देखेंगे कि यह होगा।



आब भारत के बारे में बात करते है |


साथ ही भारत में बहुत खराब स्थिति है। हर रोज बड़ी संख्या में लोग भूख के साथ सोते हैं। जो अभिशाप की तरह है। और ऐसा नहीं है कि भारत सभी को खिलाने में असमर्थ है। भारत सक्षम है, लेकिन यहां भी मानवता की कमी है। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के अनुसार, भारत में उत्पादित खाद्य पदार्थों का 40% तक बर्बाद हो जाता है। और कभी जरूरतमंदों तक नहीं पहुंचता । इसलिए हमें इसे गंभीरता से लेना चाहिए और सुधार करना चाहिए। और ऐसा नहीं है कि यह एक व्यक्ति के चाहने से होगा | इसमें सभी की भागीदारी आवश्यक है।तभी हम इस अभिशाप से मुक्त होंगे। और अगर हम इसके के लिए इसके लिए कुछ नहीं कर सकते, तब हम मानव कहलाने के लायक नहीं हैं।हम मानवता के बारे में चर्चा कैसे कर सकते हैं जब कोई भी व्यक्ति भूख के साथ सोता है। इसलिए हमें बदलना होगा, हमें एक वास्तविक इंसान बनना होगा।

समाप्त



ALSO YOU CAN READ ONE MORE POST ON HUNGER.
आप एक और पोस्ट भूख पे पढ़ सकते है |

दोस्तों यह एक नाटक के रूप में है, यह एक बहुत ही गरीब परिवार के पति पत्नी के बिच का संवाद (बातचीत) है, जिससे आप ध्यान से पढेंगे तो आपको जरुर अच्छा लगेगा, आपकों थोड़ी परेशानी हो सकती है क्युकी यह एक लोक भाषा में है| क्युकि इस भाषा में ही भाव आता है|, परन्तु अगर आप ध्यान से पढेंगे तो आप जरुर इसके भाव को समझ पायंगे |

पत्नी - सुना है नई बीमारी आई है?
पति -हा , बीमारी तो आई है
पत्नी -कैसी बीमारी है ज्यादा खतरनाक है क्या ?
पति -कह तो रहे है लोग
पत्नी -ओ पत्नी-आपका कमपनी कब तक खुलेगा
पति -देखो कब खुलता है मालिक मना कर दिए की २० (20) दिन बाद आना
पत्नी -20 दिन! काहे जी उ बीमारिया आपके कंपनी में भी किसी को हो गया है क्या ?
पति - ना ! उ तो जहाह से विदेश आये जाये वाला के होता है ऐसा सुने है
पत्नी -तब फिर आपका कंपनी कहे बंद है ?

                                                                                               To read full article click here.                                                                                               इस लेख को पूरा पढने के लिए यहाँ क्लिक करे 





Very very Thankyou to read this article. You can also subscribe us on Youtube, Search there Poetry Squad or simple click on it.

And anyone can write post on this website if You have to write go to Contact us. From there you can contact us. And You can also recite Your poem on Youtube by contacting us.
T&C Apply


Must Drop Your Comment.

1 comment:

If you have any suggestion or you want to tell something then write

Theme images by enjoynz. Powered by Blogger.